अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी

विषय

“राष्ट्रीय चेतना और युवा की भूमिका: एक सशक्त एवं समर्थ राष्ट्र के निर्माण की ओर”

भाषा एवं साहित्य विभाग, भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) केंद्र

अलायंस यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु

एवं हिंदवी - ICCN द्वारा आयोजित

प्रस्तावित तिथि: 25 सितंबर 2026 (हाइब्रिड मोड)

स्थान: मूट कोर्ट, LC-1, सेंट्रल कैंपस, अलायंस यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु

परिचय :
युवा किसी भी राष्ट्र के भविष्य की प्रेरक शक्ति होते हैं। उनमें सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्रीय विकास में सार्थक योगदान देने की ऊर्जा, सृजनात्मकता और क्षमता होती है। वैश्वीकरण, तीव्र तकनीकी प्रगति और बदलते सामाजिक मूल्यों के इस दौर में युवाओं के बीच राष्ट्रीय चेतना की सुदृढ़ भावना विकसित करना अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है।

राष्ट्रीय चेतना केवल देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति भावनात्मक लगाव तक सीमित नहीं है। इसमें नागरिक उत्तरदायित्व, लोकतांत्रिक मूल्य, भारत की समृद्ध सांस्कृतिक एवं भाषायी विरासत के प्रति सम्मान, सामाजिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकीकरण तथा सामूहिक प्रगति के प्रति प्रतिबद्धता भी शामिल है।

प्रस्तावित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी छात्रों, शोधार्थियों, संकाय सदस्यों और शिक्षकों के लिए एक अकादमिक एवं संवादात्मक मंच प्रदान करने का प्रयास है, जहाँ वे राष्ट्र-निर्माण में युवाओं की जिम्मेदारियों पर विचार कर सकें। संगोष्ठी में यह विचार-विमर्श किया जाएगा कि शिक्षा, साहित्य, नेतृत्व, प्रौद्योगिकी, नवाचार और जिम्मेदार नागरिकता के माध्यम से युवा एक सशक्त, समावेशी, नैतिक एवं सशक्त भारत के निर्माण में किस प्रकार योगदान दे सकते हैं।


उद्देश्य :

  • युवाओं में राष्ट्रीय चेतना और नागरिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देना।
  • राष्ट्र-निर्माण में युवाओं की भूमिका तथा समकालीन राष्ट्रीय चुनौतियों के समाधान में उनके योगदान को रेखांकित करना।
  • नेतृत्व, आलोचनात्मक चिंतन, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व को प्रोत्साहित करना।
  • राष्ट्रीय विकास में भाषा, साहित्य, शिक्षा, संस्कृति, प्रौद्योगिकी और नवाचार के योगदान का अन्वेषण करना।
  • सामाजिक सद्भाव, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देना।
  • सार्थक अकादमिक संवाद और विद्वतापूर्ण आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान करना।

शोध-पत्र हेतु विषय :
  • हिंदी साहित्य में युवा चेतना और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की संभावनाएँ
  • आधुनिक हिंदी साहित्य में युवा पीढ़ी, सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र-निर्माण
  • हिंदी साहित्य में राष्ट्रीय चेतना और भारतीय अस्मिता के विविध आयाम
  • गांधीवादी विचार और आत्मनिर्भर भारत: हिंदी साहित्य के संदर्भ में
  • हिंदी भक्ति साहित्य में सामाजिक समरसता, समानता और मानवतावाद
  • कबीर साहित्य में सामाजिक परिवर्तन और समतामूलक समाज की अवधारणा
  • तुलसीदास के साहित्य में लोकमंगल और सामाजिक समरसता
  • आधुनिक हिंदी साहित्य में पर्यावरण चेतना और सतत विकास
  • हिंदी साहित्य में स्त्री चेतना और सामाजिक परिवर्तन
  • हिंदी साहित्य में श्रम, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की अवधारणा
  • हिंदी साहित्य में लोकतांत्रिक मूल्य, सामाजिक न्याय और संवैधानिक चेतना
  • सोशल मीडिया और हिंदी साहित्य: अभिव्यक्ति के बदलते स्वरूप
  • हिंदी साहित्य और भारतीय ज्ञान परंपरा: समकालीन संदर्भ एवं संभावनाएँ
  • प्रेमचंद के साहित्य में राष्ट्र-निर्माण, सामाजिक न्याय और आत्मनिर्भर समाज की अवधारणा
  • रामधारी सिंह ‘दिनकर’ के साहित्य में राष्ट्रीय चेतना और युवा शक्ति
  • मैथिलीशरण गुप्त के साहित्य में राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक चेतना
  • स्वामी विवेकानंद और हिंदी साहित्य में युवा चेतना: प्रेरणा एवं प्रासंगिकता
  • हिंदी साहित्य में लोकसंस्कृति, लोकचेतना और आत्मनिर्भर समाज
  • हिंदी साहित्य में भारतीय परिवार, सामाजिक मूल्य और सांस्कृतिक निरंतरता
  • हिंदी साहित्य में ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की अवधारणा और वैश्विक मानवतावाद
  • हिंदी साहित्य में तकनीकी परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और भविष्य का समाज

जमा करने हेतु दिशा - निर्देश

आप लेख का सार : 24 सितंबर तक भेज सकते हैं ।

पूर्ण लेख : 24 अक्तूबर तक भेज सकते हैं ।

आपका लेख अनुकर्ष पियर रिव्युड एवं जे गेट इंडेक्सड पत्रिका में प्रकाशित किया जाएगा ।

पंजीकरण शुल्क

  • संकाय सदस्य / शिक्षाविद् – ₹1,000/-
  • शोधार्थी – ₹700/-
  • विद्यार्थी – ₹200/-

पंजीकरण करें

अपेक्षित परिणाम

  • युवाओं में राष्ट्रीय चेतना और नागरिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूकता में वृद्धि।
  • नेतृत्व, आलोचनात्मक चिंतन, नैतिक जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास।
  • युवाओं को राष्ट्र-निर्माण और सामाजिक विकास में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना।
  • समकालीन राष्ट्रीय चुनौतियों और अवसरों पर अकादमिक संवाद को बढ़ावा देना।
  • ‘अनुकर्ष’ पीयर-रिव्यूड पत्रिका में संभावित प्रकाशन हेतु गुणवत्तापूर्ण शोध-पत्रों का सृजन।
  • सामाजिक रूप से जागरूक, नैतिक रूप से उत्तरदायी और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्ध युवा नागरिकों को प्रेरित करना।

तिथि एवं स्थान

तिथि: 25 सितंबर 2026

स्थान: मूट कोर्ट, LC-1, सेंट्रल कैंपस

अलायंस यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु

आमंत्रित अतिथि

दीपक वोहरा
मुख्य अतिथि

दीपक वोहरा

भारतीय विदेश सेवा के पूर्व राजनयिक एवं यूपीएससी साक्षात्कार मेंटर

श्री अभिषेक त्रिपाठी
अंतरराष्ट्रीय

श्री अभिषेक त्रिपाठी

सूचना प्रौद्योगिकी निदेशक (आईटी निदेशक), बेलफास्ट, आयरलैंड

अश्विनी केगनवाकर
अंतरराष्ट्रीय

अश्विनी केगनवाकर

प्रख्यात प्रवासी लेखिका, नीदरलैंड

डॉ. विवेकमणि त्रिपाठी
अंतरराष्ट्रीय

डॉ. विवेकमणि त्रिपाठी

हिंदी के एसोसिएट प्रोफेसर, गुआंगदोंग विश्वविद्यालय, चीन

डॉ. वंदना मुकेश
अंतरराष्ट्रीय

डॉ. वंदना मुकेश

वरिष्ठ व्याख्याता – अंग्रेज़ी, हिंदी लेखिका, वाल्सल कॉलेज, वाल्सल, यूनाइटेड किंगडम

डॉ शिखा रस्तोगी
अंतरराष्ट्रीय

डॉ शिखा रस्तोगी

लेखिका-कवयित्री, शिक्षाविद, थाईलैंड

डॉ. मैथिली राव
राष्ट्रीय

डॉ. मैथिली राव

प्रख्यात लेखिका एवं अनुवादक, बेंगलुरु, कर्नाटक

डॉ. मुन्ना कुमार पांडेय
राष्ट्रीय

डॉ. मुन्ना कुमार पांडेय

हिंदी के एसोसिएट प्रोफेसर, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली

डॉ. दीपक कुमार गोंड
राष्ट्रीय

डॉ. दीपक कुमार गोंड

क्राइस्ट अकादमी इंस्टीट्यूट, बेंगलुरु, कर्नाटक

डॉ. ज्योत्स्ना आर्या सोनी
राष्ट्रीय

डॉ. ज्योत्स्ना आर्या सोनी

एसआरएन आदर्श कॉलेज, बेंगलुरु, कर्नाटक

डॉ. रवि कुमार पी.जी.
राष्ट्रीय

डॉ. रवि कुमार पी.जी.

लोयोला डिग्री कॉलेज, बेंगलुरु, कर्नाटक

लावली गोस्वामी
राष्ट्रीय

लावली गोस्वामी

प्रख्यात हिंदी कवयित्री
कंसल्टेंट, डेटा एजिस सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड

अनुराधा सिंह
राष्ट्रीय

अनुराधा सिंह

प्रसिद्ध कवयित्री एवं अनुवादक

अच्युतानंद मिश्र
राष्ट्रीय

अच्युतानंद मिश्र

श्री शंकराचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, केरल

गिरीश राव हटवार (जोगी)
मुख्य अतिथि

गिरीश राव हटवार (जोगी)

प्रख्यात कन्नड़ लेखक

वी. जयराजन
राष्ट्रीय

वी. जयराजन

महासचिव, आईसीसीएन

संयोजक

डॉ. ए. एम. श्रीधरन
संयोजक

डॉ. ए. एम. श्रीधरन

निदेशक, भारतीय ज्ञान प्रणाली केंद्र

डॉ. अनुपमा तिवारी
संयोजक

डॉ. अनुपमा तिवारी

सह प्राध्यापक, भाषा एवं साहित्य विभाग

डॉ. विवेकानंद सज्जन
संयोजक

डॉ. विवेकानंद सज्जन

सहायक प्राध्यापक, भाषा एवं साहित्य विभाग

संपर्क सूत्र

भाषा और साहित्य विभाग, अलायंस विश्वविद्यालय
चिक्काहागड़े क्रॉस, चन्दापुरा - आनेकल मेन रोड, आनेकल, बेंगलुरु - 562 106, कर्नाटक, भारत। दिशा-मानचित्र प्राप्त करें

दूरभाष संख्या:

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